सचिन राम जी ने कहा कि प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति और मर्यादा के प्रतीक हैं। उनके आदर्शों पर चलकर समाज में सद्भाव, अनुशासन और सेवा की भावना को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की धार्मिक और सांस्कृतिक यात्राएं समाज को जोड़ने का कार्य करती हैं तथा नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं से परिचित कराती हैं।
शोभायात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं ने स्वागत किया और भजन-कीर्तन के माध्यम से माहौल को और अधिक भक्तिमय बनाया। सचिन राम जी ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी से सामाजिक सौहार्द बनाए रखने और प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।