आत्मनिर्भर महिलाओं की ओर एक मजबूत कदम: जीविका समूहों को ₹55 लाख की सहायता
- By
- Sachin Ram
- June-09-2026
महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण किसी भी समाज और राष्ट्र के समग्र विकास की आधारशिला होता है। जब महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के अवसर और संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं, तो वे न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे समाज की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसी सोच को साकार करने की दिशा में बिहार सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
आज बिहार सरकार के माननीय भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री तथा मुजफ्फरपुर जिला प्रभारी आदरणीय डॉ. दिलीप जायसवाल जी के मुजफ्फरपुर आगमन पर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर विकास और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई तथा सरकार की जनहितकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के संकल्प को दोहराया गया।
कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण जिलापरिषद क्षेत्र के खारौनाडीह पंचायत भवन में आयोजित समारोह रहा, जहां जीविका स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भरता एवं आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से ₹55 लाख की सहायता राशि का चेक प्रदान किया गया। यह सहायता राशि महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे व्यवसायों के विस्तार और आर्थिक रूप से मजबूत बनने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।
जीविका स्वयं सहायता समूह ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को संगठित कर उन्हें आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का सफल माध्यम बने हैं। इन समूहों के माध्यम से हजारों महिलाएं आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और अपने परिवारों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
माननीय डॉ. दिलीप जायसवाल जी ने इस अवसर पर महिलाओं के सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने से न केवल परिवारों की आय में वृद्धि होती है, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन भी आता है।
यह कार्यक्रम महिलाओं के सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। ऐसे प्रयास निश्चित रूप से बिहार के विकास और महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में मील का पत्थर साबित होंगे।
महिला सशक्तिकरण ही आत्मनिर्भर भारत की सबसे मजबूत नींव है।
जय बिहार | जय भारत।